pyaj me jalebee rog

प्याज की फसल में ट्विस्टर डिजीज (twister disease) यानि जलेबी रोग (jalebee rog)

राजस्थान के अलवर और उसके विभिन्न क्षेत्रों जैसे, तिजारा, खानपुर, किशनगढ़, मलखेड़ा में जलेबी रोग (jalebee rog) प्याज के किसानों के लिए एक बड़ी समस्या बन गया है। कुछ खेत तो ऐसे हैं जिनमें प्याज की फसल (pyaaj kee phasal) नब्बे प्रतिशत तक खराब हो गयी है।

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black wheat 3

काले गेहूं की खेती करने का तरीका, उपज, बीज दर, साधारण गेहूं और काले गेहूं में अंतर

काले गेहूं की बुवाई समय से एवं पर्याप्त नमी पर करना चाहिए. देर से बुवाई करने पर उपज में कमी होती है. जैसे-जैसे बुवाई में विलम्ब होता जाता है, गेहूं की पैदावार में गिरावट की दर बढ़ती चली जाती है. दिसंबर में बुवाई करने पर गेहूं की पैदावार 3 से 4 कु0/ हे0 एवं जनवरी में बुवाई करने पर 4 से 5 कु0/ हे0 प्रति सप्ताह की दर से घटती है. गेहूं की बुवाई सीडड्रिल से करने पर उर्वरक एवं बीज की बचत की जा सकती है. काले गेहूं की उत्पादन सामान्य गेहूं की तरह ही होता है. इसकी उपज 10-12 क्विंटल/ बीघा होता है. सामान्य गेहूं का भी औसतन उपज एक बीघा में 10-12 क्विंटल होता है.

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